Sutra Navigation: Sutrakrutang ( सूत्रकृतांग सूत्र )
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Mool File Details |
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Anuvad File Details |
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Sr No : | 1001068 | ||
Scripture Name( English ): | Sutrakrutang | Translated Scripture Name : | सूत्रकृतांग सूत्र |
Mool Language : | Ardha-Magadhi | Translated Language : | Hindi |
Chapter : |
श्रुतस्कन्ध १ अध्ययन-१ समय |
Translated Chapter : |
श्रुतस्कन्ध १ अध्ययन-१ समय |
Section : | उद्देशक-३ | Translated Section : | उद्देशक-३ |
Sutra Number : | 68 | Category : | Ang-02 |
Gatha or Sutra : | Gatha | Sutra Anuyog : | |
Author : | Deepratnasagar | Original Author : | Gandhar |
Century : | Sect : | Svetambara1 | |
Source : | |||
Mool Sutra : | [गाथा] ‘सएहिं परियाएहिं’ ‘लोगं बूया कडे त्ति य’ । तत्तं ते ‘न वियाणंति’ ‘णायं णाऽऽसी’ कयाइ वि ॥ | ||
Sutra Meaning : | लोक अपनी पर्यायों से कृत है – यह कहना चाहिए। वे तत्त्व को नहीं जानते हैं क्योंकि यह लोक कभी विनाशी नहीं है। | ||
Mool Sutra Transliteration : | [gatha] ‘saehim pariyaehim’ ‘logam buya kade tti ya’. Tattam te ‘na viyanamti’ ‘nayam nasi’ kayai vi. | ||
Sutra Meaning Transliteration : | Loka apani paryayom se krita hai – yaha kahana chahie. Ve tattva ko nahim janate haim kyomki yaha loka kabhi vinashi nahim hai. |